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Saturday, December 24, 2022
?.........।
क्या तुम हो ?.......
कोई भी रिश्ता खामोशी पर खत्म हुआ है क्या।
इंतजार सिर्फ एक तरफ से हो ज़रुरी है क्या।
तुम हो बस यह अहसास ही काफी था।
अगर डगमगाऐं कदम तू संभाल लेगा, ऐसा विश्वास था।
कभी कोई मुश्किल आई नहीं, की मुझे तू याद आता था।
दूर होने पर भी तू दूर कहां था ।
तू कभी ना छूटने वाली आदत बन गया।
तुम जा चुके हो मेरी राहों से रोम- रोम गवाही देता ।
फिर भी दिल को तुम्हें खोने का डर हर पल सताता ।
मैं तेरा इंतज़ार हर पल करती हूं।
मेरे बुलाने पर तुम कभी ना आना।
हम बुरे हैं , अब इस यकीन पर जिंदा रहना।
Wednesday, June 8, 2022
कामयाबी
जिंदगी कोल्हू के बैल जैसी बीत रही है।
सफर जहां से शुरू किया वहीं आके खत्म हो रहा है।
बीतता समय कुछ कहना चाहता है।
कद की उंचाई कामयाबी से मापता है
कामयाबी के मायने भी कहां एक जगह टिके हैं।
प्यासे के लिए पानी को पाना कामयाबी है।
भूखे के लिए रोटी को पाना कामयाबी है।
जिनको ये सब मिले वो सीर पर छत चाहता है।
सुबह उठते है तो साथ में उठती है, इच्छाएं।
कुछ अपनी तो कुछ अपनों की।
उन इच्छाओं को पीठ पर लिए ,
बाजार में अपने सपनों का सौदा करते हैं।
और थक-हार कर सो जाते हैं।
अगली सुबह फिर उठते हैं , बेहतर कोशिश करने के लिए।
जिंदगी में कामयाबी के खालीपन को भरने में लगे रहते हैं।
जबकि कामयाबी वो छेद किया हुआ मटका है।
चाहे कितना भी भरो वो खाली ही रहता है।
कामयाबी के सफर का कोई अंत ही नहीं है।
हर पल हर शख्स के लिए यह अलग मायने बनाती है।
हां, इसके पीछे इंसान अपने सांसों की गिनती पूरी करता है।
लेकिन इंसान जिंदगी को जीना भूल जाता है।
Thursday, May 26, 2022
ये कैसा पागलपन करते हैं
वो कहते है ना जब ईश्वर है तो हमें चिंता करने की जरूरत क्या।
और यदि ईश्वर नहीं है, तो हमारे चिंता करने से होगा क्या।
"बस मुझे ये मिल जाए मेरे मौला।
बदले में चाहे और कुछ भी ले-लेना।"
हे ! मेरे मौला , ये कैसा? पागलपन करते हैं।
रिश्तों में ही नहीं ये तो, तुमसे भी शौदा करते हैं।
हिम्मत तो देखो तेरे- मानव की।
जो सांसों के लिए तुझसे आश लगाए है।
वो आज तुम्हें खुश करने के लिए आया है।
तेरी खिलती कलियां तोड़ कर वो हार बनाकर लाया है
तुने क्या करने के लिए भेजा है।
ये कहां उलझ कर रह गए हैं।
तुने रक्षक बनाकर भेजा जिसको।
वो ही भक्षक बन बैठा है।
तू तो बिना बोले सुनता सबकि फिर ये क्यों पाखंड रचाते हैं।
भूखे को तड़पता छोड़कर ये तुम्हें छप्पन भोग चढ़ाते हैं।
तेरे बनाएं मानव को बेआबरू करके तुम्हारे चादर चढ़ाते हैं।
किसी के घर का दीपक बुझाकर, ये तेरे दर पर मोम जलाते हैं।
Saturday, May 14, 2022
My first job interview.
मुझे मेरे हृदय के धड़कने की आवाज अपने कानों में साफ़ सुनाई दे रही थी।
कुछ समझ नहीं आ रहा था। मेरे पास से गुजर रहा हर सक्स की आंखों में मुझे बहोत से सवाल नजर आ रहे थे। और स्वयं मेरे पास भी बहुत सारे सवाल थे । एक पल को लगा किसी को रोक लूं.. पूछूं वहां के माहौल और लोगों के बारे में। मन कर रहा था उठो और भागो यहां से, लेकिन आत्मा चीख-चीख कर कह रही थी नहीं यह सही नहीं है। मेरे हृदय और आत्मा दोनों में जोर - दार बहस चल रही थी कि इतने में एक आवाज आई....'
मुझे "बागी" फिल्म का एक डायलॉग याद आया
मानो 'बादशाह अकबर' के दरबार में 'अनारकली' नृत्य पेश कर रही हो।
मैं सातवें आसमान पर पहुंच गई थी। वो कहते है ना मेरे ओर से तो 'पैसा वसूल परफोर्मेंस थी'
जैसे एक माली अपने पौधों को सींचता है। ठीक उसी प्रकार एक अध्यापक अपने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान से सींचता है।
सच में, हे! गुरु धन्य हो।🙏💐
Friday, May 13, 2022
समझ पाना मुश्किल नहीं है
कहते हैं जिंदगी हर पल एक नया पाठ पढ़ाती हैं। जिंदगी कुछ इस मोड़ पर आ गई है। जिसे समझ पाना मुश्किल नहीं है,लेकिन ये मन बावरा समझना चाहता नहीं है।
आंखों में ख्वाब लिए।
हां तुम सही हो- जुबान यही पुकारे।
मेरे सवाल मेरे अस्तित्व को तमाचा हर बार मारे।
नहीं हर बार तुम ही सही नहीं, अब ये शब्द अक्सर जुबान कह डाले।
ना जाने क्यों अब ना कहना भी सुकुन देता है।
खुद को बदलना अब अच्छा नहीं लगता।
कोई हमारे कारण बदले अब तो वो भी सच्चा नहीं लगता।
गठा हुआ सा रिश्ता फिर भी साथ में नहीं चलता।
हे! ईश्वर, इतनी समझदार दुनिया, मुझे कोई बच्चा नहीं मिलता।
Friday, April 1, 2022
You are mine
Oh my lord you are mine.
I can't see because it's black night.
but everything is fine so you don't mind.
Oh yeah you are mine so why I am crying.
when I am lonely you don't go slowly .
You know when I'm alone i can't handle everything.
But I have to do everything so come and sit beside.
I know you are mine so you don't go any other side.
I need you everytime.
There is a huge crowd my around.
I am alone in that crowd.
But I'm not afraid because you are mine.
Thursday, March 3, 2022
Being imperfect is very important in life
Being imperfect is very important in life. If you are complete So the meaning of life ends there. But if you are imperfect, you will put all your strength to make it perfect. And every step taken towards perfection at that time will teach you something new every moment. Really, the desire to learn this helps us a lot in life. Every person should dream. Then you should put all your strength in making those dreams come true. There should be only one goal in life. Actually that goal is our imperfection. And till that goal is not fulfilled. Till then you keep on making yourself perfect. When you achieve that goal then dream another. Then start working on completing it. If your eyes cannot dream, then make it your goal to fulfill someone else's dream. The happiness that comes in sharing happiness is not found anywhere else. Be happy in life Never be disappointed thinking that I am not the former. Rather, be happy thinking that God has given you a task which you have to complete at any cost. But not to make himself a foil but to make himself believe in himself.
Being parents is not a small thing in life
Being parents is not a small thing in life.I don't know why we forget again and again. Parents have also gone through the phase that we are passing through today. We get entangled in our entanglements badly, and tell our parents that you do not understand. No sir, they understand very well, but their experience becomes so much that they can tell just by looking at our faces. What trouble are we in? Hey once go to them and see and tell the confusion that is going on in your mind. This is the truth, if he cannot solve it himself, then he will definitely tell how to solve it.
Tuesday, March 1, 2022
लोगों से मेरे बारे में ना पूछो
लोगों से मेरे बारे में ना पूछो।
कोई मेरे बारे में उतना ही जानता है।
जितना मैंने उसे जानने दिया है।
मेरे बारे में सब कुछ जान लें।
हाए! उतनी तो मैंने खुद को भी पर्मिशन नहीं दी।
हां अगर मेरे बारे में कुछ जानना है।
तो आपको मुझे ही जानना होगा ।
लोगों की मेरे प्रति राय नहीं।
हां सब कुछ तो नहीं।
लेकिन आपके प्रश्नों का जवाब मैं जरूर दूंगी।
मैं कोई खुली किताब तो नहीं हूं।
लेकिन कोई मुझे समझ ना पाए मैं वो अल्फाज़ भी नहीं हूं।
मुझे बातें करना अच्छा लगता है।
सभी से नहीं कुछ गिनती के लोग हैं।
खुशियों को बांटना है ये मैं मानती हूं।
गमों को कैसे समेटना है मैं जानती हूं।
कुछ अलग ही ख्वाहिश है मेरी।
लोगों खुलकर हंसना चाहते हैं।
लेकिन मैं जी भर कर रोना चाहती हूं।
कितनी अजीब बात है ना।
मुझे लगता है हम बड़े हो गए हैं।
शायद इतना कि पिता हमारे कांधे पर सर रख रो दे।
और मां को अपनी बाहों का सहारा देकर हाथों से खिलाएं।
भाई के सिर पर हाथ रखके कह दे मैं संभाल लूंगी तू डर मत।
अपनों की ख्वाहिशों मैं उतना वजन नहीं होता।
जितना स्वयं के ख्वाब में होता है।
कितना आसान होता है ना सफर में अकेले चलना।
वहीं अगर कोई साथ चलने वाला हो तो कभी पलटकर देखो , तो कभी उसके पिछे तेजी से दौड़ना।
सच में बहुत कुछ उलझा रहता है इस खुरापाती दीमक में।
कब क्या सोच कर किस दिशा में दौड़ना शुरू कर देता है नहीं जानते।
"हां बस इतना जानती हूंं।
लोगों से मेरे बारे में ना पूछो।
कोई मेरे बारे में उतना ही जानता है।
जितना मैंने उसे जानने दिया है।"
Saturday, February 12, 2022
देखो-" मेरे लिए मेरा परिवार पहले है, उसके बाद तुम"
एक सोच
("देखो मेरे लिए पहले मेरा परिवार है उसके बाद तुम")
क्या एक मर्द सच में कमजोर होता है ----
सच में औरत बहुत ताकतवर होती है वह सबको अपना मानती है,लेकिन उसकी सारी उम्र गुजर जाती है। असल में उसका ना तो कोई अपना होता है और ना ही उसका अपना कोई घर होता है।
क्या ऐसा नहीं हो सकता-------......
Tuesday, February 8, 2022
जब प्यार हो जाए तो क्या करें
Monday, February 7, 2022
अरदास ऐसे जीवन की
Sunday, January 16, 2022
क्या होता है डर और असल में हम प्यार किस से करते हैं। हमें धोखा क्यों मिलता है?
डर
कहते हैं परेशानी problem अकेले नहीं आती वो जब भी आती हैं अपने साथ बहुत सारी अनुभव अभिलाषा भी लेकर आती हैं। हां वो अलग बात है वो हमारे लिए कितना कष्ट भरा होता है। पर कुछ भी कहो उस दर्द का भी अपना अलग ही मजा होता है।
हम जब भी जीवन में अपना कदम बढ़ाते हैं तब हमें कोई अंदेशा नहीं होता है कि हमें हमारा वो कदम हमें कहां ले जाएगा। बस स्वयं पर यह भरोसा होता है कि हम खुद को संभाल लेंगे। आज मुझे मेरी 6th class की एक किताब मिली जब मैंने उसे पढ़ना शुरू किया तब उसे एक दिन में उसे पढ़ लिया। उस समय मेरे चेहरे पर मुस्कराहट आई वो इसलिए नहीं कि मैंने उसे पढ़ लिया , बल्कि वो इसलिए कि मैंने जब 6th class में addmission लिया तब उसे पढ़ने में पूरा साल लगा दिया।
इसलिए जब भी हम कोई काम शुरू करते हैं तब हमारे अंदर यह डर रहता है कि हम क्या सफल होंगें या नहीं। बस यह डर ही होता है जो हमें आगे बढ़ने से रोकता है। अगर हम किसी काम को कर चुके होते हैं तब हमें उस काम का पूर्ण ज्ञान हो जाता है। तब हमारा उस काम के प्रति डर खत्म हो जाता है। अगर हम किसी काम को करने से पहले ही हार मान जाएं और वो काम शुरू ही ना करें ऐसा करने से तो हम जीवन में कुछ नहीं कर पाएंगे। अगर किसी काम की शुरुआत है तो अंत भी है।
वैसे भी हमें कोई भी काम हो उसे एक बार करके देखना चाहिएं। हम सफल हुए तो बहुत अच्छा है और असफल रहे तो उससे भी अच्छा है। क्योंकि हमें उस काम की पूरी जानकारी होती है इसके साथ हमें यह पता होता है सफल हुए इंसान को कितनी सिद्धि मिली है और असफल को अपनी हार पर कैसा लगता है समाज की उसके प्रति क्या धारणा बन जाती है। तो अगर आप हार जाए तो यह ना सोचें कि हम हार गए बल्कि उस हार के कारण को ढूंढे और अपनी हार को जीत में बदलें।
रिश्ते
हम सभी के जीवन में बहुत से लोग जुड़े होते हैं और उन्ही लोगों के प्रति हमारी बहुत सी जिम्मेंदारीयां भी जुड़ी होती हैं। हम चाहकर भी उनसे अलग नहीं हो सकतें। स्वयं ईश्वर हमें उन रिश्तों के साथ हमें इस धरती पर भेजते हैं। फिर हम उनसे अलग कैसे रह सकते हैं। जीवन में हर चीज का अपना एक अलग महत्व है। बस उसे पहचानने की देरी है।
आज के समय में किसी के पास समय नहीं है और समय ना देने से रिश्ते टूट जाते हैं। वो मुझे याद नहीं करता तो मैं क्यों करूं। ये जरूरी तो नहीं की आपके पास समय है तो सामने वाले के पास भी समय हो। या फिर होने को तो वो स्वस्थ हैं भी या नहीं । तो वो आपसे ना पूछे तो आप भी उससे उसका हाल ना पूछें ये इन्साफ नहीं। फिर हम इसे रिश्ते नहीं व्यापार कहेंगे । वो हमारे लिए काम करे तो हम भी उसके बदले में काम करें।
मांगा
कहते हैं ईश्वर से अगर हम सच्चे मन से कुछ मांगते हैं तो वो हमें जरूर मिलता है। ऐसे में कोई काम करने की क्या जरूरत है बस ईश्वर से मांग ही लो। Corona के कारण देश में lockdown था तब ईश्वर से मांगा ही होगा सभी ने फिर वो गरीब बेसहारा लोगों को भूखे पेट क्यों सोना पड़ा। नहीं सर ईश्वर भी उसी का साथ देता है जो परिश्रम करता है। कहते हैं मजदूर बहुत मेहनती होता है। लेकिन बीते दिनों ने यह दिखा दिया कि वह मजबूर भी बहुत होता है। और जब पेट में अन्न की भूख होती है तब मान सम्मान की बात सब ढकोसला लगती हैं। एक पल को स्वयं पर से ही नहीं ईश्वर के ऊपर से भी विश्वास उठ जाता है।
संकट
भारत एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्र देश है। यहां ईश्वर को सबसे ऊपर माना गया है लेकिन उसका असल रुप क्या है यह कोई नहीं जानता। यहां भगवान के अनेक रूप देखने को मिलेगें । और जब इन्सान पर कोई संकट आता है तब वह अपने आप को उस संकट से निकालने के बजाए भगवान को खुश करने की कोशिश में लग जाता है।की मैं भगवान को खुश करूंगा तब वो मुझे इस संकट से बाहर निकल लेंगे। क्या कभी ऐसा हुआ है कि हम किसी जंगल में हो और शेर आ जाए तब हम वहां से भाग कर या कहीं छिप कर खुद को बचाएंगे या फिर ये कहेंगे कि ना पहले मैं भगवान की पूजा करूंगा तब भगवान मुझे बचाने के लिए आएंगे। ये तो सही नहीं है समस्या से निपटने के लिए हमें खुद को ही कुछ करना होता है हां भगवान से हम यह मांग सकते हैं कि हमें सही मार्ग दिखा दे। इतना तो भगवान भी कर सकते हैं। अब सारा काम भगवान पर छोड़ देंगे तो हमें क्या भगवान ने यहां तमाशा देखने के लिए भेजा है।
इंसान
एक इंसान का जन्म बहुत ही किस्मत से मिलता है। भगवान ने बहुत प्यारी दुनिया बनाई है और इस दुनिया की देखभाल करने के लिए ही इंसान को धरती पर उतारा है। लेकिन पता नहीं यहां आने के बाद इंसान को क्या हो जाता है कि वह अपने आप में खो जाता है और किसी के बारे में उसे कोई सुध नहीं होती।
व्रत
India में शादीशुदा औरतें अपने पति की लंबी आयु के लिए भुखे पेट रहकर व्रत करती हैं। सभी को अच्छा लगता हैं बहुत खुशी मिलती है। लेकिन क्या कोई जानता है कहते हैं कि भगवान शिव की पत्नी पार्वती जी ने जब वह कुंवारी थी तब यह व्रत सबसे पहले रखा था। और उन्होंने शिव को अपने पति के रूप मांगा था। पार्वती जो कि महलों में पली-बढ़ी उन्होंने शिव जो फकीर के भेष में रहने वाला उसको मांगा यह बहुत बड़ी बात है। आज के समय में अगर पति पत्नी दोनों एक दूसरे को समझकर और बिना किसी मनमुटाव के शांति से जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ाएं तो यह पूजा से कम है क्या। और वैसे भी अगर व्रत करने से ही उम्र लम्बी होती है तब तो हिंदुस्तान में पुरुषों की आयु की औसत बहुत ज्यादा होनी चाहिए थी। और उन देशों में जहां ये सब व्रत नहीं होते वहां के पुरूषों को तो मर जाना चाहिए था।
प्यार
कहते हैं प्यार बहुत ही अनोखा अहसास होता है जिसको भी यह होता है उसे यह दुनिया बहुत रंगीन और प्यारी लगने लगती है। जिस शख्स से हमें प्यार होता है उसकी सभी बातें अच्छी लगती हैं। हमें उसमें कोई कमी नजर नहीं आती।हर वक़्त हमें उसके साथ होने का अहसास होता है। जीवन में हमें कोई ऐसा शख्स मिलता है जिसे देखकर ऐसा लगता है कि हम इसके बिना अधुरे हैं। उसी के सपने और जो उसे अगर एक बार देखना ले तो हमें खाना तक नहीं खाते हमें कुछ और अच्छा ही नहीं लगता। और जो उसके दर्शन हुए नहीं की बस हां अब हमने इस दुनिया को जीत लिया हो। इसमें यह जरूरी नहीं कि यह पागलपन दोनों तरफ से हो । अक्सर यह एक तरफा से भी होता है। फिर क्या हुआ जो वो हमसे प्यार नहीं करता मैं तो सच्चा प्यार करता हूं या करती हूं। और ऐसा पागलपन 1-2, 2-3 साल तक चलता रहता है । वो इतनी हिम्मत भी नहीं जुटा पाते कि वो जिनके लिए इतने पागल हैं कम से कम उसको तो बता दें।
लेकिन नहीं कहीं हम उसको खो न दें इस डर से हम उसे नहीं बता पाते । ऐसा जरूरी नहीं कि सामने वाले को हमारी भावनाओं के बारे में जानकारी हो। जबकि उसको तो इसकी भनक भी नहीं होती है और वो हमारी जिंदगी से कहीं दूर जा चुके होते है। फिर हमारे अंदर पछतावे के सिवाय कुछ नहीं रहता और यही सोचते रहते हैं काश मैंने उससे पूछा होता तो क्या पता वो आज मेरे पास होता। और अगर वो ना कहता तो क्या था अकेले तो हम आज भी है पर उम्र भर का पछतावा नहीं होता है
प्यार किस से होता है
क्या ये सही है
धोखा--
Friday, January 14, 2022
ये मन क्यों नहीं डरता है
ये जो तिनका तिनका करके गलती करता है ।
तू क्यूं बहते पानी में विष मिलाता चलाता है ।
ये तो समय गवाही देगा और तू रोएगा ।
तेरी सांस चलेगी और तू बेबस हो जाएगा ।
तेरे अंश का टुकड़ा भी बोझा ढोएगा ।
सदियों तक यही बात दोहराई जाएगी ।
तेरा क्या है तू एक दिन चला जाएगा ।
खिलती हंसी को गम दे जाएगा ।
तेरी कितनी पीढ़ी इसका कर चुकाएंगी ।
ये तो बस आने वाला समय ही तय कर पाएगा ।
हे ! ईश्वर ये मन क्यों नहीं डरता है ।
मरकर फिर वापस आना है , यही जीवन चक्र है ।
जितना कर्ज लिया है , वापस उसे चुकाना है ।
हमें तो तेरा ध्यानधरके जन्म - जन्मांतर से पीछा छुड़ाना है ।
Bharti
Wednesday, January 12, 2022
मुंह मत खुलवा मेरा तेरी औकात लिख दूंगी।
मुंह मत खुलवा मेरा तेरी औकात लिख दूंगी।
आज मैंने कलम उठाइ है तेेेरा इतिहास लिख दूंगी।।
तू वो राम नहीं जिनके वचन की खातिर मैैं वन-वन भटकूँगी।
तू वो रावण नहीं जिनके मरण की खातिर मैं पल-पल तरसूूँगी।
मैं वो अंबा हूँ स्वाभिमान की खातिर तेरी शैय्या सजा दूंगी।
कब तक यूं सहूंगी अब मौन तोड़ा है तेरा अभिमान तोडूूंगी।
की जब तू जानता है तूझे पैदा मैंने किया है।
तू मुझसे शुरू मुझपे खत्म हूआ है।
तो फिर मुुझे क्यों तार-तार करने पर तूला है।
ठहर जा बस कर आखिर कब तक आग की शैैैय्या में जलूँगी।
गलती मेरी है मै देर से आती थी सौ सवाल करती थी।
तू देर से आता था किस हाल में आता था इग्नोर करती थी।
काश मैंने तुम्हें इनसानियत सिखाई होती तो आज ये न हुआ होता।
एक कलि यूं ना टूटकर सूनसान सड़क पर मिली होती।
Baby i like you. I want you. I need you.trust me वो क्या अलफाज थे तेेरे।
कैसे बह जाती जज्बातों के भवर में साथ मैैं तेरे।
बहुत से रिस्ते ना सही एक पगड़ी, एक आंंचल,एक कलाइ साथ रहे मेरे।
चाहने वाले तो तेरे भी बहुत थे मैैंने कब कहा मै उन्हें ठुुकरा दूंगी।
कल्पना तो करके देेेखो अपनो से दूूर जाना क्या होता है।
अनजान गलियों के मुह मौड़े खड़े रिस्तों को अपनाना क्या होता है।
बीज से बने पौधे का उखड़ कर कहीं ओर जम जाना क्या होता है।
अपने अरमानों की शैय्या सजाकर उस आंगन में दफन होना क्या होता है।
ये इन्साफ नहीं जमाने के तराजू का बराबर माप नहीं।
वो तो ऐसा है तू भी ऐसी ही होगी क्या।
ये पहनोगी तो यही होगा ।
तुम वो नहीं जो तुुुम्हें वो सब सुविधाएं मिलेंगी।
कब तक बहेगी नदी की धारा यूंही।
अब परछाई भी चिढ़ाने लगी मुझे क्या कर देेेगी आजाद मुझे।
जब नोच-नोच कर तार-तार कर दिया मुझे।
सवालों की बौछार , चुप्पी की बेडीयों का उपहार मिला ।
अब ये बेडीयांं तोडूगी ,कब तक कुुछ ना बोलूँगी।।
मुंंह मत खुलवा मेेरा तेरी औकात लिख दूंगी।
आज मैंने कलम उठाइ है तेरा इतिहास लिख दूंगी।।
Bharti
बेनाम सा रिश्ता
तुम को पन्नों में उतार पाना कहां मुमकिन है,
इतने खूबसूरत शब्द तो हमारे पास भी नहीं हैं।
Tuesday, January 11, 2022
ब्रेकअप होग्या
आज तो गजब के होग्या।
मेरी सहेली का ब्रेकअप होग्या।
वा रोती हुई मेरे धोरै आई।
अर उसनै अपनी आपबीती सुनाई।
मैं मौन होकै उसनै सुनती रही।
कितनी गलती उसकी थी बस याहे गिनती रही।
वा हर सांस पै उसका नाम रटै थी।
बेरा ए नै वा लाड़- तै उसनै के-के कहवै थी।
इसा लागै था वो भी हर बात पै हामी भरग्या।
उसका के टैक्स लागै था, वो तो घणे वादे करग्या।
सांची रै उसकै खाट घालण की जगह नहीं।
अर वो बैरी चांद पै प्लाट काटण की बात करग्या।
वा घणि पढै थी, अर वो उसनै पढण बैठाग्या।
लदौड तो पहलै हे था, इसके पाछै वो अपनी कमर तुडवाग्या।
गलती किसै कि कौन्या हालात ए इसा होग्या।
एक तो बेरोजगारी और उपर तै लोकडाउन मारग्या।
जो होया सो होया मैं सुणकै कहानी अपने घर आएगी।
थी तो आखिर मेरी सहेली दिल मै मेरै उदासी छागी।
प्यार तो आत्मा तै होया करै जबरदस्ती तै नहीं बस या ए समझ पाई।
तेरा प्यार सच्चा होगा तो वो जरूर लौट कै आवैगा बस या ए समझा पाई।
Bharti
Sunday, January 9, 2022
अनदेखा प्यार
डार्लिंग ईसा भी के कदे होया करै।
किसे नै देखें बिना प्यार क्यूकर होया करै।
होग्या तो होग्या इश्क पै के किसै का जोर चाल्या करै।
कालू की शक्ल मै भी धर्मेंद्र दिखाई दीया करै।
या भी बात साचि सै मां के रूप मै दोस्त सबनै ना मिला करै।
'मां मनै भी प्यार होग्या' या बात सुणकै नै मां की हासि बहोत छुटया करै।
हम समझावांगे, उसनै- तू एकबै घरां बुला ले।
नू बरांणे बालक की किस्मत ना फोड़ा करै।
हेे! मेरे राम , औलाद पै इतना भरोसा भी के होया करै।
लेकिन हमनै भी तो अपणि शक्ल और अक्ल पै भरोसा होया करै।
सोच में नेगेटिविटी और कोनफिडेन्स मै कमी म्हारै कदे नहीं आया करै।
सोच मिलेगी, विचार मिलगे, गुण तो आपए मिल जाया करै।
म्हारे घरक्या नै डर तो इस बात का रहया करै।
एक म्यान मै दो तलवार कदे खट्या नहीं होया करै।
एक तो कुबैधि म्हारी औलाद, ईसाए दूसरा और, हमनै के घर मै दंगल करवाणा सै।
पर या बात भी साची सै बिना किरदार के कहानी पूरी नहीं होया करै।
जब पेट मै भूख की आग हो तो माणस कोठा भरण की नहीं सोच्या करै।
आपा मरे पाछै ए स्वर्ग दिख्या करै।
प्यार तो केवल विश्वास पै टिक्या करै।
किसै नै पत्थर मैं भगवान तो किसै नै हर किसै में ए राम दिख्या करै।
मीरा भी तो कृष्ण नै बिना देख्ये प्यार करया करै।
हां डार्लिंग इसा भी होया करै।
किसे नै बिना देखे भी प्यार होया करै।
2.
"तू बस मेरा होकर मत रहना।
ये मेरा जीवन है
1.
न्यू बोली --जी आपकी morning good कब होती है।
मैं बोला -- जी और तो बेरा कौना जै म्हारी भैंस बिना लात ठाए दूध दे - दे म्हरी morning good तब होती है।।
2.
मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब नहीं होती जब मेरे पापा मुझे पैसे देते हैं,
बल्कि खुशी तब होती है - - जब मुझे दिए गए पैसे जरुरत पड़ने पर वापस मांगते हैं - और मैं हक से उनको बोलती हूं पापा आप मुझे मेरे पैसे कब लौटा रहे हो।
तब मेरे पापा के फेस पे बड़ी.. सी स्माइल होती है और वो बोलते हैं तेरे पैसे मैं तुम्हें बहुत जल्दी लौटा दूंगा मेरी अम्मा ।
3.
कहीं भी जाने से पहले तैयार होकर - खुद को आईने में कितना भी निहार लो ।
जब तक मजा नहीं आता तब तक मां आपकी बलाइयाँ लेते हुए ये ना कह दे हाए ... नज़र ना लगे मेरी बच्चि को ।
4.
हम सभी कि जिंदगी में एक पल ऐसा आता है हम जो कुछ करना चाहते हैं।हमारा मस्तिष्क उसके बारे में ना सोचकर किसी और के बारे में सोचने लगता है। ऐसा होने पर हम काम करते हैं तो ना तो हम सोच पाते हैं और ना ही किम कर पाते हैं।
तो ऐसे में दिमाग को खुला छोड़ दो... जा.. तू - सोच जो सोचना है। तब एक पल ऐसा आता है वो अपने आप ही उस जगह से हट जाएगा। और बोलेगा आजा अब बहुत हुआ कुछ काम करते हैं। तब हम वो काम करेंगे तो उसे पूरा करने के लिए हम सम्पूर्ण होंगे आधे-अधूरे नहीं।
5.
कितनी अजीब बात है ना, हमारी जिंदगी में वैसे तो बहुत से लोग जुड़े होते हैं।
लेकिन कोई शक्श ऐसा आता है जिसकी बातों में कुछ तो ऐसा होता है।जो हमारे रोंगटे खड़े कर देता है।
6.
संसार का सारा सुख एक ओर
और जब मां आपको सुबह-सुबह उठाए
तब आप बोले मम्मी बस 5 मिनट और सोने दो
उसके बाद मम्मी आपको बोले ठीक है लेकिन 5 मिनट के बाद तुम नहीं आई ना तो मैं फिर से आऊंगी
उस 5 मिनट का सुख एक ओर।
7.
आपका जिंदगी में आना तब सफल हो जाता है
जब सारी दुनिया आपके खिलाफ हो
तब आपके पापा आपकी ढाल बनकर खड़े हो जाएं
और बोले मेरी बेटी मेरा मान है वो कभी किसी के साथ गलत कर ही नहीं सकती।
8.
हमें फर्क नहीं पड़ता कि सामने वाला हमारे बारे में क्या सोच रखता है।
बस हमें इस बात से फर्क पड़ता है कि हम उनके बारे में जो सोच रखते हैं, बस वो उसका मान रखा ले।
9.
हमें खुशी तब नहीं होती जब हम किसी पर अधिकार जमाएं।
बल्कि खुशी तब होती है कोई हम पर विश्वास करके हमारे ऊपर अधिकार जमाएं।
10.
जीवन में परेशानियों का होना बहुत जरूरी है। क्योंकि परेशानियों के बिना जीवन बेरंग सा हो जाता है। खुशी की बात तो यह है कि जब हम अपने जीवन में आने वाली परेशानियों को खुद से हल करते हैं तब हमें जो खुशी मिलती है ना वह खुशी ही तो हमें जिंदगी को जीने का नया तरीका सिखाती है।
Thursday, January 6, 2022
HSSC & Student
या HSSC और Student के बीच की लड़ाई सै।
ताऊ कितनी ए बाट दिखाले नौकरी हमनै लेकै दिखाणी सै।
आदरणीय खट्टर और खदरी नै कसम खा ली सै।
ब्याह म्हारा नहीं होया, थमनै भी रांडे मारण की तैयारी सै।
जबै तो HR Police के पेपर में दूध काढ़ण की सर्वोत्तम विधि बूझ राखी सै।
बता के उसनै पुलिस स्टेशन के बाहर भैंस बांधणी सै।
तो HSSC कै बेरा नहीं के मन मै आरी सै।
पटवारी परीक्षा एक बार भी नहीं ली, फीस तीसरी भरवाण की त्यारी सै।
जणै ग्रुप D मै लागे छोरे की ब्याह की त्यारी सै।
उस छोरे नै छोरी मै बहुत वैरायटी चाहिए सै, HSSC भी पेपर मैं आऊट ओफ सिलेबस ल्यारी सै।
प्रधान, उन्नै बेरा कौन्या हम हरियाणा आले सै।
ये माणस नै प्रपोज करें पाच्छै उसकी क्वालिटी देखै सै।
जै कोए छौरा ना कह दे, तो छौरी उसके घर आगै तांडव करया करै।
स्टडी के नाम पै अडै छौरे ITI और छौरी JBT आले सर्वोत्तम दर्ज़ा पाया करै।
मनै सुर्यवंशम कई बार देख राखी सै।
एक छोरा पढ़या लिखा देखकै ब्याह रचाण की ठाणी सै।
बस तो मैं चलाऊंगी, IAS मनै वो एक बणाणा सै।
बहोत कुछ दिया इस धरती नै इसकी पाई-पाई लोटाणी सै।
या HSSC और Student के बीच की लड़ाई सै।
ताऊ कितनी ए बाट दिखाले नौकरी हमनै लेकै दिखाणी सै।
Bharti
हरियाणा आले
नीत का ठाडा , घणा आच्छा, एक माणस टकराग्या रै।
मेरी धोली काया, नहीं कोए छाया, वो अपणा रंग चढाग्या रै।
वो सहज- सहज बतलावै था।
वो दिल का हाल सुणावै था।
वो दुनिया नै बुरी बतावै था।
वो अपणे जख्म दिखावै था।
मैं भी किसै का रांझा था।
कोए मेरी हीर होया करती।
लोगां की सांस थम्या करती।
जब मेरी हीर हंसा करती।
लोगां नै बहोत समझाया मैं।
ऊंचे घर की छोरी कै, हाए क्यूं चक्करा में आया मैं।
सैलरी मेरी का वनथर्ड तो उसके कैप्चीनो पै उड़ा आया मैं।
बचिकुची नै ज़ारा और गुच्ची नै पूज आया मैं।
वा मनै बाबू कह्या करती, बाबू आला फिल कराएगी रै।
उसके बाप नै नहीं लडाए,जितने लाड़ वा मेरे पै लडवागी रै।
सारी फर्माइश पूरी करदी,मी- सा बरसा आया मैं।
मेरे हिस्से का किला, उसके कन्यादान मै बुलावा आया मैं।
मेरी मां मन्नै राजाबेटा अर बाबू सेर कह्या करै।
दिल का मैं पापी कौन्या हम 'जय सीयाराम जी' कह्या करै।
जब पहर के चालूं धोला कुड़ता छोरी हैंडसम कह्या करै।
हम हरियाणा के बड़े दिल आले, बैराणे नै भी ' ताईआले ' कह्या करै।
नीत का ठाडा, घणा आच्छा, एक माणस टक्कराग्या रै।
मेरी धोली काया, नहीं कोए छाया, वो अपणा रंग चढाग्या रै।
Bharti
Tuesday, January 4, 2022
उलझा सा जीवन
ये कुछ बनने की चाह,
ये कुछ खोने का डर।
चलते जा रहें हैं,
भटक रहे हैं दर बदर।
जो पास में है उसकी हमें कहां कदर।
जिसकी आश नहीं हमें तो बस उसी की खबर।
हे ! ईश्वर..
जिसने खुद को जान लिया।
उसने तुझको मान लिया।
जिसको तुमने जान लिया,
उसने ये जीवन जान लिया।
कल किसने देखा है।
हमको तो आपने भेजा है।
आपने जीतना समय दिया है
हमें तो हर पल को जीना है।
आज यहां बसेरा है।
तो कल कहीं ओर सवेरा है।
मिट्टी की यह काया सारी।
बस कर्म की है माया सारी।
ये किस बहम में फंसे हैं।
"बस ये मिल जाए ,मेरे! मौला..,
बदले में चाहे जो ले-ले।"
हर बात में शौदेबाजी करते हैं।
खिलती कली तोड़कर तुम्हें खुश करते हैं।
गलती मेरी नहीं है, मेरे! मौला।
मुझे हर कण में तू दिखता है।
तभी तो तेरे नाम का पुतला भी लाखों में बिकता है।
देख तू बैठा सिंहासन पर साथ में पहरेदार बैठाता है।
ना जाने क्या सोच रहे हैं।
बिना आत्मा के शरीर को नौंच रहें हैं।
किसी के विश्वास के साथ खेल रहे हैं।
तो अपने आप से भाग रहे हैं।
Bharti
Saturday, January 1, 2022
Happy New Year 2022



