कहते हैं जिंदगी हर पल एक नया पाठ पढ़ाती हैं। जिंदगी कुछ इस मोड़ पर आ गई है। जिसे समझ पाना मुश्किल नहीं है,लेकिन ये मन बावरा समझना चाहता नहीं है।
आंखों में ख्वाब लिए।
हां तुम सही हो- जुबान यही पुकारे।
मेरे सवाल मेरे अस्तित्व को तमाचा हर बार मारे।
नहीं हर बार तुम ही सही नहीं, अब ये शब्द अक्सर जुबान कह डाले।
ना जाने क्यों अब ना कहना भी सुकुन देता है।
खुद को बदलना अब अच्छा नहीं लगता।
कोई हमारे कारण बदले अब तो वो भी सच्चा नहीं लगता।
गठा हुआ सा रिश्ता फिर भी साथ में नहीं चलता।
हे! ईश्वर, इतनी समझदार दुनिया, मुझे कोई बच्चा नहीं मिलता।
वाह।
ReplyDeleteशुक्रिया । स्वागत है सर आपका मेरी इस शब्दों की दुनिया में 🙏💐, मुझे बहुत खुशी हुई है कि, आपको मेरे द्वारा लिखी गई पंक्तियां अच्छी लगी।
Deleteचुन-चुन कर शब्दों का आपने प्रयोग किया लाजवाब
ReplyDeleteशुक्रिया। स्वागत है सर आपका मेरी इस शब्दों की दुनिया में 🙏, मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि आपको मेरे द्वारा लिखी गई पंक्तियां अच्छी लगी।
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