आज तो गजब के होग्या।
मेरी सहेली का ब्रेकअप होग्या।
वा रोती हुई मेरे धोरै आई।
अर उसनै अपनी आपबीती सुनाई।
मैं मौन होकै उसनै सुनती रही।
कितनी गलती उसकी थी बस याहे गिनती रही।
वा हर सांस पै उसका नाम रटै थी।
बेरा ए नै वा लाड़- तै उसनै के-के कहवै थी।
इसा लागै था वो भी हर बात पै हामी भरग्या।
उसका के टैक्स लागै था, वो तो घणे वादे करग्या।
सांची रै उसकै खाट घालण की जगह नहीं।
अर वो बैरी चांद पै प्लाट काटण की बात करग्या।
वा घणि पढै थी, अर वो उसनै पढण बैठाग्या।
लदौड तो पहलै हे था, इसके पाछै वो अपनी कमर तुडवाग्या।
गलती किसै कि कौन्या हालात ए इसा होग्या।
एक तो बेरोजगारी और उपर तै लोकडाउन मारग्या।
जो होया सो होया मैं सुणकै कहानी अपने घर आएगी।
थी तो आखिर मेरी सहेली दिल मै मेरै उदासी छागी।
प्यार तो आत्मा तै होया करै जबरदस्ती तै नहीं बस या ए समझ पाई।
तेरा प्यार सच्चा होगा तो वो जरूर लौट कै आवैगा बस या ए समझा पाई।
Bharti
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