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Saturday, December 24, 2022

क्या तुम हो ?.......

कोई भी रिश्ता खामोशी पर खत्म हुआ है क्या।

इंतजार सिर्फ एक तरफ से हो ज़रुरी है क्या।

तुम हो बस यह अहसास ही काफी था।

अगर डगमगाऐं कदम तू संभाल लेगा, ऐसा विश्वास था।

कभी कोई मुश्किल आई नहीं, की मुझे तू याद आता था।

दूर होने पर भी तू दूर कहां था ।

तू कभी ना छूटने वाली आदत बन गया।

तुम जा चुके हो मेरी राहों से रोम- रोम गवाही देता ।

फिर भी दिल को तुम्हें खोने का डर हर पल सताता ।

मैं तेरा इंतज़ार हर पल करती हूं।

क्या पता कब पलट कर देखले तू,

मैं तो तेरे पीछे- पीछे चलती हूं।

मेरे बुलाने पर तुम कभी ना आना।

हम बुरे हैं , अब इस यकीन पर जिंदा रहना।




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