F हरियाणवी प्रपोजल - Comrade

हरियाणवी प्रपोजल

 


1.

सुन - तू बस अपने दिल नै समझा ले,

प्रपोज तो मैं आपए कर दूंगी।

और विश्वास ना तोड़िए मेरा,

ना मैं तेरे हाड़ा नै तोड़ दूंगी।


2.

तू मान राखिए मेरा,

मैं तेरी बात ना काटूंगी।

विश्वास तो कर बावले,

कंदे भुखा ना सोण दूंगी।


3.

तू यार बना हजार चाहें, 

मैं तनै कदे ना नाटूंगी।

पर जै वे तनै रुवागे,

तो मैं उनकी नस नै काटूंगी


4.

तू माड़ा ना मानै खुद नै,

कदे तेरी कमजोरी नहीं बनूंगी।

मेरी पसंद लाखा मैं एक सै,

जै सक है तो मेरे बाबू धोरै बुझवा दूंगी।


5.

जो मैं खुद तै पूरे ना कर सकि, 

उस शौक कै आग लगा दूंगी।

कदे मेरे चरित्र पै सक ना करीऐ,

सीता कौन्या मैं-मैं तो तनैए जमीन मैं गाड़ दूंगी।



        Bharti



CONVERSATION

4 Comments:

  1. वाह ... हरियाणवी में लिखी जबरदस्त पंक्तियाँ ...
    मज़ा आ गया पढ़ कर ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. Thank you sir for visiting my blog and reading my post

      Delete
  2. Replies
    1. Sir🙏 welcome to my blog.
      Thank you sir for visiting my blog and reading my post. I am very glad to know that you liked the lines written by me.

      Delete

Please do not enter any spam link in the comment box