1
जिसके बिना ये जिंदगी काले अंधेरे जैसी है।
हमारे दरम्यान ये दूरियां मीलों जैसी हैं।
फिर भी देख तेरे आने की आहट से ये जिंदगी सवेरे जैसी है।
2
चलते- चलते बहुत दूर तक आ गए अब तो रुक जाने को दिल करता है।
चारों ओर इतनी भीड़- हे ईश्वर इस भीड़ में खो जाने को दिल करता है।
ये किसकी तलाश में निकले थे हम अब तो खुद को भूल जाने को दिल करता है।
आंसुओं से कहां वास्ता रखते थे हम अब तो खुद को उनमें डुबो देने को दिल करता है।
3.







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