मैं और मेरी माँ एक अनोखी दुनिया सजा रहे।
हसीं मजाक के ठहाके बस यूंहीं लगा रहे।
एक पल की जिंदगी एक पल की मस्ती यूंहीं बहा रहे।
कल हो ना हो बस आज में ही जिए जा रहे।
माना माँ तो माँ होती है
उसके आगे किसकी चलती है
मैंने कहा माँ से,
माँ इस बार हम सोक जरा सा महंगा पाल ले।
क्यों ना घर में एक कुत्ता पाल ले।
माँ ने चुटकी लेते हुए कहा
बच्चा अपने मन में ये बहम पाल ले
की हम घर में कुत्ता पाल ले
बेटा पहले तू अपने आप को तो पाल ले
माँ वो घर की रखवाली सुबह शाम करेगा
जब कोई बाहर से आएगा तो हमें इनफोर्म करेगा
तू डर मत और आवारा कुत्तों की गली में एंट्री बैन करेगा
पडोसियों में तेरे रूतबे को और ऊपर करेगा
और आप भी तो सड़क के पार रोज उसे खिलाकर आती हो
जब वो गिर जाए गड्ढे में बार-बार उसे निकालकर आती हो
मंदिर से लाया परसाद सबसे पहले उसे ही तो खिलाती हो
घर में पकाई पहली रोटी सबसे पहले उसे ही तो खिलाती हो
माँ तो माँ होती है माँ का दिल पसीज गया
हम भी घर में एक कुत्ता पालेंगे ये ऐलान किया गया
घरवालों के द्वारा अपनी फर्माइश का खाका तैयार किया गया
पिटबुल, लैबरा, जर्मन न जाने क्या-क्या नाम सुझाया गया
हसीं मजाक के ठहाके बस यूंहीं लगा रहे।
एक पल की जिंदगी एक पल की मस्ती यूंहीं बहा रहे।
कल हो ना हो बस आज में ही जिए जा रहे।
माना माँ तो माँ होती है
उसके आगे किसकी चलती है
मैंने कहा माँ से,
माँ इस बार हम सोक जरा सा महंगा पाल ले।
क्यों ना घर में एक कुत्ता पाल ले।
माँ ने चुटकी लेते हुए कहा
बच्चा अपने मन में ये बहम पाल ले
की हम घर में कुत्ता पाल ले
बेटा पहले तू अपने आप को तो पाल ले
माँ वो घर की रखवाली सुबह शाम करेगा
जब कोई बाहर से आएगा तो हमें इनफोर्म करेगा
तू डर मत और आवारा कुत्तों की गली में एंट्री बैन करेगा
पडोसियों में तेरे रूतबे को और ऊपर करेगा
और आप भी तो सड़क के पार रोज उसे खिलाकर आती हो
जब वो गिर जाए गड्ढे में बार-बार उसे निकालकर आती हो
मंदिर से लाया परसाद सबसे पहले उसे ही तो खिलाती हो
घर में पकाई पहली रोटी सबसे पहले उसे ही तो खिलाती हो
माँ तो माँ होती है माँ का दिल पसीज गया
हम भी घर में एक कुत्ता पालेंगे ये ऐलान किया गया
घरवालों के द्वारा अपनी फर्माइश का खाका तैयार किया गया
पिटबुल, लैबरा, जर्मन न जाने क्या-क्या नाम सुझाया गया
अगली सुबह कुछ इस तरह से करवट बदल गई
मां के द्वारा सड़क पार के कुत्ते को घर में शरण दी गई
सभी में बराबर से जिम्मेदारीया बांटी गई
घर में खुशियों के खजाना की जैसे नदी बह गई।।


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