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Friday, December 31, 2021
Thursday, August 12, 2021
Monday, July 19, 2021
हाए ! रै.. जिंदगी मै के इसा भी होया करै
1.
मनै ना सोची थी इसा हाल भी होया करै।
हाए! रै.. जिंदगी मै- के इसा भी होया करै।
हट बावले मेरे मां बाप की मैं घणी लाडली।
तनै के लागै उनै के मैं दिल तै काढ़दी।
मेरी मां मेरी खातिर घर के रुल तोड़ेगी।
हाए! पहली सिकि रोटी मेरी थाली मैं टेकगी।
2.
मनै ना सोची थी इसा हाल भी होया करै।
हाए! रै.. जिंदगी मै- के इसा भी होया करै।
तू के कवह है जिंदगी मै कुछ पर्सनल भी होणा चाहिए।
इब तनै कोण समझावै आईने के आगै के घुंघट काढ़णा चाहिए।
कदे किमै मांगण खातर मेरा सिर भगवान के आगै भी ना झुकण दिया।
सोचण तै पहला चिज मेरे हाथ मै धर दी हाए! इसा मेरे भाई के जिसा भाई भी के होणा चाहिए।
3.
मनै ना सोची थी इसा हाल भी होया करै।
हाए! रै.. जिंदगी मै- के इसा भी होया करै।
काम करण तै माणस मरता कौना
या बात मेरे बाबू नै बहोत पहले समझा दी थी।
मनै भी कदे किसै कि बात नहीं काटी थी।
जैबे तो, मेरी बेटी तै चुल्हे मै आग कौना बलै, हाए! न्यू कहके मेरे बाबू नै गैस चूल्हे पै चाट रंधावा दी थी।
4.
मनै ना सोची थी इसा हाल भी होया करै।
हाय! रै.. जिंदगी मै- के इसा भी होया करै।
मनै सुबह जल्दी उठा दियो न्यू कहके सोए पाछै।
थोड़ी देर और सो जाण दे तनै के करवाणा है,मेरे मां-बाबू के बीच मै बहस होया करै।
फोन करके- 'मेरा बच्चा जल्दी उठ ले आज' न्यू कहके मेरी सहेली मनै जगाया करै।
हाए! रै.. मेरी जिंदगी मरणा कौना इबै मनै इसा जन्म के बार-बार मिला करै।
साची रै- जिंदगी मै के इसा भी होया करै।
मनै ना सोची थी इसा हाल भी होया करै।
Bharti
Tuesday, July 13, 2021
हरियाणवी प्रपोजल
1.
सुन - तू बस अपने दिल नै समझा ले,
प्रपोज तो मैं आपए कर दूंगी।
और विश्वास ना तोड़िए मेरा,
ना मैं तेरे हाड़ा नै तोड़ दूंगी।
तू मान राखिए मेरा,
मैं तेरी बात ना काटूंगी।
विश्वास तो कर बावले,
कंदे भुखा ना सोण दूंगी।
3.
तू यार बना हजार चाहें,
मैं तनै कदे ना नाटूंगी।
पर जै वे तनै रुवागे,
तो मैं उनकी नस नै काटूंगी
4.
तू माड़ा ना मानै खुद नै,
कदे तेरी कमजोरी नहीं बनूंगी।
मेरी पसंद लाखा मैं एक सै,
जै सक है तो मेरे बाबू धोरै बुझवा दूंगी।
5.
जो मैं खुद तै पूरे ना कर सकि,
उस शौक कै आग लगा दूंगी।
कदे मेरे चरित्र पै सक ना करीऐ,
सीता कौन्या मैं-मैं तो तनैए जमीन मैं गाड़ दूंगी।
Bharti
Monday, May 17, 2021
मुझे बस मेरी मां चाहिए
मुझे भरोसा है आप पर।
आपको सब ठीक करना ही पड़ेगा।
मुझे वो ही तो इस दुनिया में लेकर आई है।
ये जन्म कम है उसका अहसान उतारने के लिए।
मुझे भरोसा है आप पर।
आदत नहीं है जिंदगी को उसके बिना जीने की।
आदत है मुझे आज भी उसके आंचल में सिर रखकर सोने की।
मुझे पता चल जाता है उसने कब मेरे सिरहाने से मेरी किताब समेट कर रख देती है।
मुझे पता चल जाता है उसनेे अभी खाना नहीं खाया है, फिर भी वो पहला निवाला मुझे ही खिलाती है।
बहुत परेशान करते हैं ना तेरी बनाई गई ममता की जीती जागती मुरत को।
फिर ये तो गलत है ना तकलीफ़ भी तो हमें ही देते क्यों तड़पा रहे हो उस को।
कभी किसी का बुरा नहीं चाहा है उसने।
जिन्हें तुमने अनाथ किया उनको भी जीना सिखाया है उसने।
मैं जी नहीं पाऊंगी उसके बिना।
मुझे भरोसा है आप पर आप सब ठीक कर देंगे।
मुझे जीने के मायने समझाएं है।
मैं कुछ भी करु मुझे मुझसे ज्यादा समझा है।
रोना तो कभी सिखाया ही नहीं।
आज उसे इतनी तकलीफ़ की आंसू थमें ही नहीं।
उसने डरना नहीं सिखाया लेकिन आज ये रात बहुत डरावनी लग रही है।
मोरों का कोलाहल भी कुछ अलग सा लग रहा है।
मेरी सुबह खिलखिलाती है उसके बस सिर पर हाथ फेरकर जगाने से।
मेरी सारी थकान मिट जाती है, उसके 'मेरा शेर' बच्चा कह देने से।
मैं जी नहीं पाऊंगी उसके बिना ये जिंदगी।
मुझे पता आप सब ठीक कर देंगे।
भरोसा है मुझे आपके ऊपर।
Thursday, May 13, 2021
जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभव हम और आप
1
2
चलते- चलते बहुत दूर तक आ गए अब तो रुक जाने को दिल करता है।
चारों ओर इतनी भीड़- हे ईश्वर इस भीड़ में खो जाने को दिल करता है।
ये किसकी तलाश में निकले थे हम अब तो खुद को भूल जाने को दिल करता है।
आंसुओं से कहां वास्ता रखते थे हम अब तो खुद को उनमें डुबो देने को दिल करता है।
3.
"इश्क और जंग में सब जायज़ है।"
"All is fair in love and war."
(John Lyly )
Monday, May 10, 2021
जान है तो जहान है
Saturday, May 1, 2021
एक पल में सब खत्म होता नजर आ रहा है
फिर से वही दौर आ रहा है
आपने सुना नहीं वही शोर आ रहा है
सब वाकिफ हैं उस पहर से
हां कोरोना के कहर से
सुबह में कमाया शाम को खा लिया
अब ना सुबह कमाने दिया तब तो बस जिंदगी को तुने जी लिया
अंत होगा इसका या हमारा कुछ नहीं कह सकते
बस सह रहे हैं जब तक सह सकते हैं
किसी पर भरोसा करें
या स्वयं को सुरक्षित रखें
जब उम्मीद की नजर से कोई देखता है
तो नजर बिना जुर्म किए झुकती है
अभी उसे पैदा हुए वक्त ही कितना हुआ था
और ये काका अब तक तो ठीक था
उसके घर में किसी को तो मदद के लिए जाना ही जाना चाहिए
उस मां ने अपने बच्चे और पति को खो दिया उसे भी तो सहारा चाहिए
एक बीमार को गुनहगार समझा जा रहा है
बिना किसी गवाह के कारागार में डाला जा रहा है
शाम को सुरज ढलेगा या जिंदगी जानते नहीं
सुबह में सुरज कि किरण होगी या नहीं जानते नहीं
एक पल में सब खत्म होता नजर आ रहा है
आंखों के सामने मौत का तांडव नजर आ रहा है
एक इंसान को सांसों के लिए लड़ते देखा है
अपनों को ही अपनों से दूर रहते देखा है
बिना किसी बहस के सन्नाटे में शोर होते देखा है
कई बार डर सा लगता है बहुत से सपने हैं बाकी इस सफर में
कहीं अकेले ना रह जाए इस जिंदगी के सफर में
अब तो एक विश्वास है उस रब पर
वो ही बनकर मेहर बरसेंगे हम पर
Thursday, April 29, 2021
एक तरफा प्यार
एक तरफा प्यार क्या है?
बड़ा नायाब सा अहसास होता है एक तरफा प्यार
जिसकी हर कोई दुहाई दे वो होता है प्यार
और जो रूह तक को सुनाई दे वो होता है एक तरफा प्यार
जब हरकदम पर साथी का साथ मिल वो होता है प्यार
और जो मीलों तक की दूरी अकेले तय कर जाए वो होता है एक तरफा प्यार
जिसे मिलाने में पूरी कायनात लग जाए वो होता है प्यार
और जो कभी मुकम्मल ना हो वो होता है एक तरफा प्यार
जो जुदाई के नाम से तड़प उठे वो होता है प्यार
और जो मिलन की एक आस में पूरी जिंदगी गुजार दे वो होता है एक तरफा प्यार
एक पर्वत की ऊंचाई सा पर हासिल होता है प्यार
और जो सड़क के दो किनारों से साथ चलते रहे पर कभी मिल ना सके वो होता है एक तरफा प्यार
" जनाब जहाँ उनकी राहों के कांटे हो या फिर अपनी आंखों के आंशु खुद ही साफ करने पड़े वो एकतरफ़ा प्यार होता है।"
Friday, April 16, 2021
Dream world
अक्सर पूछती रहती हैं मुझसे कमाई मेरी
मैं उनको हंस कर दिखा देती हूं खाली तिजोरी मेरी
हौसला करके उसने पूछ ही ली मुझसे उड़ान मेरी
अभी बाकी है सपनों की उड़ान मेरी
सपनों से जाग जाओ अरे खाली तिजोरी है तेरी
इतना क्यों सोचती है पहचान मेरी
जब सिर पर ईश्वर का हाथ और उसमें रोटी है मेरी
विदाई में कारवा साथ चलेगा ,
तू देखना अभी तो बस यही कमाई है मेरी
और हां अभी जरूरतें बनना शुरू हुई है
उनको पूरा करने की ख्वाहिश है मेरी
कुछ भी नामुमकिन नहीं है इस दुनिया में - मां कहती है मेरी
बड़े जोरों का शोर सुनाई दे रहा है
स्वागत में देख बादलों की भीड दिखाई दे रही है
अभी तो भीड़ को जानना शुरू किया है
उनके दिलों पर राज करने की ख्वाहिश बाकी है मेरी
अब तक तो बस सुना था नेकी कर दरिया में डाल
उस दरिया को नेकी से भर देना बाकी है मेरा
अभी शरीर से सांसे दूर होंगी नहीं मेरी
क्योंकि सपनों की दुनिया बसाना बाकी है मेरा
Tuesday, April 13, 2021
किसी की तलाश
कितनी अजीब बात है ना..--
इंसान इस दुनिया में अकेला आता है
और जब से वह अपना होश संभालता है
एक ऐसे साथी की तलाश में निकल खड़ा होता है
जो उसको समझे, उसके सुख - दुख में उसका साथ दे, जब सारी दुनिया में उसका साथ देने वाला कोई ना हो तब वह उसके लिए हमेशा खड़ा रहे।
लेकिन हम यह क्यों भूल जाते हैं कि भगवान ने हमें इस दुनिया में भेजने से पहले कुछ तो सोचा होगा।
ईश्वर हर इंसान को संपूर्ण बनाकर ही इस धरती पर भेजता है।
देखा जाए तो हमारा सबसे बड़ा साथी हमारे आंसू होते हैं। यहां मन उदास हुआ कि वह प्रकट हो गए। और वो दुख में ही नहीं बल्कि खुशी में भी अपना साथ नहीं छोड़ते।
Friday, April 9, 2021
बेनाम सा रिश्ता अपना वजूद खोज रहा है
तुम को पन्नों में उतार पाना कहां मुमकिन है,
मेरे और तुुुम्हारे दरमियान
अनजान सी गलियां , बेनाम सा रिश्ता
कुछ मौन हम रहे तुम भी तो खामोश थे
रेल की पटरी से हम साथ चलते रहे
कैसा रिश्ता था ये हम इसमें भी संंतुष्ट रहे
बेमतलब की बातों से कहीं दूर रहे
हम अपने सपनों की दूनिया सजा रहे
साथ चलते हुए झांंक आया करते थे एक-दूसरे में हम
अब तो जरूरी सा लगने लगे एक-दूसरे को हम
जब लडखडाते कदम कसके बाह पकड़ लेेेतेे एक दूसरे की हम
साथ चलते रहे वक्त जैसा भी आया बाट लेते हम
तू अपने सपनों को तलाशने में व्यस्त रहा
इतने खुबसूरत शब्द तो हमारे पास भी नहीं हैं
समझ या समझौता
3
जो बर्तन शोर करते थे वो आजकल मौन रहते हैं
दिन भर महफ़िल सजती थी बड़ा सन्नाटा रहता है
वो भी बड़े शान से कहते हैं हम तेरे पड़ोस में रहते हैं
4
तू अपने ही घर में दुत्कारा सा क्यों रहता है
ये कैसा दाग लगा है जग में जो अबतक ना धुल पाया है
क्या सर्दी क्या गर्मी ये तो बारिश से भी ना धुल पाया है
पहले वो पर्दे में थी आज सारा जहां पर्दे में नज़र आया है
सदियों से जो कहते थे हम दर्द अछूत का सहते आए हैं
इसने सबको अछूता बना दिया अब भेद समझ पाए हैं
6
कोई भर पेट सोता था तो दिन रात रोता था
पैसे की होड़ में ये सारा जहां मदमस्त रहता था
पल में लाशों की बारिश देख कहां अब होश रहता है।
Bharti
Tuesday, February 9, 2021
मेरा सवाल भी तुम और जवाब भी तुम
Tuesday, January 26, 2021
जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभव हम और आप-5
1.
कुछ तो सोच-समझकर तुमने हमें अपनाया होगा
हमने भी तुम्हें यूं ही तो दिल में ना बसाया होगा
कैसे निकाल कर फेंक दूं तुम्हें कांटे की तरह
उस कांटे की वजह से खून तो हमनें भी बहाया होगा।
2.
जानी यूं बिना मतलब के किसी कि जिंदगी में आया नहीं करते
जब बिछ गए हो राहों में सपने तो अरमानों को जगाया नहीं करते
यूं मान कर खूदा खुद को किसी के जमीर पर उंगली उठाया नहीं करते
अपना समझकर ही कोई तकलीफ बयां करता है उसे कमजोर समझकर मजाक बनाया नहीं करते।
3.
मुझसे एक वादा करो
कि मुझसे तुम कोई वादा ना करो
आदत है मुझे अकेले रहने की
मेरी खिड़की से तुम झांका ना करो
हमें अपने हालात से लड़ना आता है
सहारा देकर यूं हमें अपना आदि ना करो
हर वक़्त मैं ही क्यों समझोता करूं
कभी कोई फैसला हमारे हक़ में भी लिया करो।
4.
मैं जिंदा हूं यह खबर वह खबरों में पता करते हैं
मैं जरूरी हूं उसकी हर जरूरत पर यह बात हर वक़्त गिनवाया करते हैं
उसे मुझपर भरोसा ना करने की कोई वजह नजर नहीं आ रही फिर भी।
अब कहीं पहचान में ना आएं तो अपना लिबाज़ बदल कर आया करते हैं।
5.
उसके लहजे से बेइंतहा शराफ़त झलकती है
किसी ने तोड़ दिया विश्वास उसकी गली आज भी महकती है
कोई आएगा लौट कर यह पलटकर देखने की अदा कहती है
बहुत तुफान भरा है उसके अंदर यह चीख-चीख कर उसकी खामोशी कहती है।
Sunday, January 17, 2021
मुझे हर पल का हिसाब चाहिए
भरोसा करना बहुत मुश्किल है अब तुम पर मुझे वक़्त चाहिए
विश्वास को यूं कांच सा तोड़ना नहीं चाहिए
मेरा मजाक बना दिया कुछ तो असर तुम पर भी होना चाहिए
आज मेरी कलम लड़खड़ा गई रूह तो तुम्हारी भी कांपनी चाहिए।
आज मुझे मेरी जिंदगी का तुमसे हिसाब चाहिए
जिसमें लिखा था इंतज़ार मुझे मेरे हिस्से के वो पल चाहिए
बहुत सी काली रातें बैठ कर गुजारी हैं अब सवेरा चाहिए
आंखों से अश्रु तो मैंने ही बहाएं है उनका भी बंटवारा चाहिए
कामयाबी को तुमने पाया है लेकिन रिश्तों का ज़हान मुझे चाहिए
तुने उड़ान भरी आसमान अपने नाम किया मुझे ये जहां चाहिए
पानी सा बहाया वक़्त सारा मुझे हर पल का हिसाब चाहिए
जब उठी मुझ पर उंगली तुम्हारी तो बाकी तुम पर उठनी चाहिए
अब आओ अगर तुम लौटकर तो साथ में कुछ लिहाज होना चाहिए
क्या खो दिया तुमने आंखों में नमी ना हो बेशक लेकिन मुखौटा ना चाहिए
ये जिंदगी है सरकार हम जी लेंगे अकेले अब किसी की आदत नहीं चाहिए
हमें जिंदा रहना है तो आप भी सलामत रहे क्योंकि हमें इसमें भी बराबरी चाहिए
मैं और मेरी मां
हसीं मजाक के ठहाके बस यूंहीं लगा रहे।
एक पल की जिंदगी एक पल की मस्ती यूंहीं बहा रहे।
कल हो ना हो बस आज में ही जिए जा रहे।
माना माँ तो माँ होती है
उसके आगे किसकी चलती है
मैंने कहा माँ से,
माँ इस बार हम सोक जरा सा महंगा पाल ले।
क्यों ना घर में एक कुत्ता पाल ले।
माँ ने चुटकी लेते हुए कहा
बच्चा अपने मन में ये बहम पाल ले
की हम घर में कुत्ता पाल ले
बेटा पहले तू अपने आप को तो पाल ले
माँ वो घर की रखवाली सुबह शाम करेगा
जब कोई बाहर से आएगा तो हमें इनफोर्म करेगा
तू डर मत और आवारा कुत्तों की गली में एंट्री बैन करेगा
पडोसियों में तेरे रूतबे को और ऊपर करेगा
और आप भी तो सड़क के पार रोज उसे खिलाकर आती हो
जब वो गिर जाए गड्ढे में बार-बार उसे निकालकर आती हो
मंदिर से लाया परसाद सबसे पहले उसे ही तो खिलाती हो
घर में पकाई पहली रोटी सबसे पहले उसे ही तो खिलाती हो
माँ तो माँ होती है माँ का दिल पसीज गया
हम भी घर में एक कुत्ता पालेंगे ये ऐलान किया गया
घरवालों के द्वारा अपनी फर्माइश का खाका तैयार किया गया
पिटबुल, लैबरा, जर्मन न जाने क्या-क्या नाम सुझाया गया
Saturday, January 16, 2021
हे शारदे बस मुझको तू यूं तार दे
कुछ टूटा है, कुछ छूटा है
तुने क्या दिया , मैंने क्या लिया
बेबाक सा बेखौफ सा मैंने सारा जीवन जी लिया।
हर घट में तू , हर तट पे
हर दिल के दीयानत सा, जिसे पूजे सब भगवान सा

































