मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है,वो गलती ना हमारी थी।।
मेरे हमदम, मेरे सरताज, मैंने हमराह तुम्हें माना
बहुत मुस्किल है जानेजां ..इस दिल को समझाना
कभी खेली मैं आंचल में, कभी झूली थी बाहों में
वो दूनिया ही निराली थी, जहां मेरी मनमानी थी।
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
क्या ये हो रहा है अब ,क्यों वो हो रहा था तब
कहीं चटका कोई मनका, कहीं टूटा कोई तारा
ना कोई अब तमन्ना है, ना कोई तब शिकायत थी
वो तेरा प्यार अंधा था, कुछ मेरी खता भी थी
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
जिसे मांना खुदा अपना, वो धरती पर है आ उतरा
जुदा हम तुमसे होके हो.. ,जोगी बन गए यारा
बहुत कुछ सह लिया तुमनें, बहुत कुछ कह लिया उसनें
तुम्हें मैं क्या ये समझादूँ , तुम्हें मैं क्या ये बतलादूँ
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
चले आना- चले आना जमाना छोड़ दे तुमकों
महोब्बत की थी हमने तो, अब उसको निभाना है
चलीं आऊंगी बंधन तोड़- चोला छोड़ के यारा
ये जीवन अब तुम्हारा है, ये जीवन कल तुम्हारा था
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
बड़ा रंगीन मोसम है, बड़ा दिलकश नजारा है
जमाना बीत गया यारा, आज तुमनें पुकारा है
तू कैसी है, तू खुश तो है , की मेरा हाल पूछा है
तुम खुश तो हो मेरी बाहों में आके ओ मेरी जाना
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
बिना सावन ही साजन के आज ये नैन बरसे हैं
बहोत जोरों से तोड़ा दिल, की धड़कन रो रही अब तक
जमाना कुछ समझता है, ये जीवन की कहानी है
मेरे लिखने पे मत जाना, ये हर दिल की कहानी है
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
किसी ने तोड़ दिया ये दिल, तो कोई जोड़ लेता है
तेरी मुस्कान कहती है, तू कितना पीर सहता है
कहानी वो ना झूठी थी, कहानी ये ना झूठी है
ये तो उस रब की माया है, जो ऐसा खेल रचता है
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
Bharti
बहुत मुस्किल है जानेजां ..इस दिल को समझाना
कभी खेली मैं आंचल में, कभी झूली थी बाहों में
वो दूनिया ही निराली थी, जहां मेरी मनमानी थी।
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
क्या ये हो रहा है अब ,क्यों वो हो रहा था तब
कहीं चटका कोई मनका, कहीं टूटा कोई तारा
ना कोई अब तमन्ना है, ना कोई तब शिकायत थी
वो तेरा प्यार अंधा था, कुछ मेरी खता भी थी
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
जिसे मांना खुदा अपना, वो धरती पर है आ उतरा
जुदा हम तुमसे होके हो.. ,जोगी बन गए यारा
बहुत कुछ सह लिया तुमनें, बहुत कुछ कह लिया उसनें
तुम्हें मैं क्या ये समझादूँ , तुम्हें मैं क्या ये बतलादूँ
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
चले आना- चले आना जमाना छोड़ दे तुमकों
महोब्बत की थी हमने तो, अब उसको निभाना है
चलीं आऊंगी बंधन तोड़- चोला छोड़ के यारा
ये जीवन अब तुम्हारा है, ये जीवन कल तुम्हारा था
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
बड़ा रंगीन मोसम है, बड़ा दिलकश नजारा है
जमाना बीत गया यारा, आज तुमनें पुकारा है
तू कैसी है, तू खुश तो है , की मेरा हाल पूछा है
तुम खुश तो हो मेरी बाहों में आके ओ मेरी जाना
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
बिना सावन ही साजन के आज ये नैन बरसे हैं
बहोत जोरों से तोड़ा दिल, की धड़कन रो रही अब तक
जमाना कुछ समझता है, ये जीवन की कहानी है
मेरे लिखने पे मत जाना, ये हर दिल की कहानी है
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
किसी ने तोड़ दिया ये दिल, तो कोई जोड़ लेता है
तेरी मुस्कान कहती है, तू कितना पीर सहता है
कहानी वो ना झूठी थी, कहानी ये ना झूठी है
ये तो उस रब की माया है, जो ऐसा खेल रचता है
मेरे अलफाज कहते हैं, मेरे जज्बात को समझो।
ये गलती ना तुम्हारी है, वो गलती ना हमारी थी।।
Bharti


प्रेम पगी रचना है ...
ReplyDeleteमन में उठते भाव जैसे शब्द पा गए हों ... अच्छी रचना है ...
Thank you very much sir for coming to my blog and reading my poem
Deleteदिल को छूती बहुत सुंदर रचना।
ReplyDeleteशुक्रिया। 🙏 सर छोटी सी कोशिश है , मुझे जानकर बहुत खुशी हुई कि आपको मेरे द्वारा लिखी पंक्तियां अच्छी लगी।
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