1.
"मैं समझ में आ जाऊँ ऐसा किरदार थोड़े हूँ।
तू आए और आकर पढ़ जाए खुली किताब थोड़े हूँ।
तुम्हें हर पल भा जाऊँ ऐसा विचार थोड़े हूँ।
जनाब,
वर्षों लग जाते हैं किसी को समझने में।
तू आए पल में बुनियाद हिलाकर चला जाए,
इतनि कमजोर मीनार थोड़े हूँ।"
2.
"गजब का हूनर है तेरे तन्हा होने में
जब थक हार कर बैठ जाती हूँ किसी कौने में
गुस्ताखी माफ़ करना
जरा सा झांक लेती हूँ तेरी खिलाड़ी में
तुम तो बहुत कुछ समेटे बैठे हो अपने आंगन में।"
3.
"किसी का हो जाना आसान है।
बहुत मुस्किल है,
उसको अपना बना लेना।
किसी को पलकों में बसाना आसान है।
बहुत मुस्किल है,
उसकी पलकों में बस जाना।
बहुत आसान है जनाब किसी के लिए मर मिटाना।
बस मुस्किल है,
उसके बिना जीना॥"
4.
"मुझे जागीर में रेगिस्तां दे दिया।
और पूछते हैं,
तेरा गुलिस्तां खिलता क्यों नहीं।
नींद-चैन सब छीन लिया
और शिकायत है,
तू पहले जैसी अब रही नहीं।
वचन में रोशनी मांग ली,
और कहते हैं अंधेरा मुझे पसंद नहीं॥"
Bharti





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