F फिर से उन्ही राहो में लौटने को जी चाहता है - Comrade

फिर से उन्ही राहो में लौटने को जी चाहता है

फिर से उन्ही राहो में लौटने को जी चाहता है,
आओ लौट चले उन्ही राहो पर हम और तुम।


  • क्यों आया  वह चौरहा जिससे बिछुुड़ गई सब राहें
  • कहाँ है हम और कहाँ वो दिन पिछड़ गई सब चाहेें
  • जिन्हें हम हृदय से अपना मान रहे
  • वो ना जाने किसे अपना मान चुके
  • इस भीड़ में हम सबसे अंजान रहेे
  • ना जाने क्यों ? सब हमे पहचान रहे
  • हाँ ! वो सब भी इस दर्द से ना अंजान रहे
  • इस वक्त की दोड मेंं हम अपने आप मेंं खोए रहे 
  • मै सही थी।या वो इसी कस्क्श्म्क में खोए रही
  • मै दूखी थी तो क्यों थी इस बात ने मौन तोडा
  • होठो में मुस्कान आई मैंने मायूसी का दामन छोड़ा 
  • स्वयं में झांक उठ खड़ी हुई बेहोशी को तोडा
  • हाँ एक आह सी निकली अंगड़ाई ने मुझे मरोड़ा
  • स्वयं को शहंशाह कह मन दौड़ा
  • जान बाकि है, साँस है, तो आश को क्यों छोड़ा 
  • भूत से सीख कर भविष्य का सोच कर वर्तमान में खीलना चाहती हूँ
  • एक बार फिर जीना चाहती हूँ
  • फिर से उन्ही राहो में लौट जाना चाहती हूँ
  • वहीं बैठी मिलेगी दरवाजे पर माँ आंँचल बिछाए हुए
  • मिलेगा पिता भी उसी चौरहे पर छाता लिये हुए 
  • हाँ वहीं उसी कौने में भाई बेठा बेठा है शिक्वे लिए हुए
  • डुबो देंंगे आनन्द के समुंद्र में मुझे 
  • जानती हूँ सभी बस अब मुुझे सुनते रहेंगे
  • खुशी की चीख निकले जा रही है
  • मेरी रातो का स्वेरा जिना चाहता है 
  • हाँ फिर से उन्ही रहो में लौटने को जी चाहता है
Bharti

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