1.
कुछ तो सोच-समझकर तुमने हमें अपनाया होगा
हमने भी तुम्हें यूं ही तो दिल में ना बसाया होगा
कैसे निकाल कर फेंक दूं तुम्हें कांटे की तरह
उस कांटे की वजह से खून तो हमनें भी बहाया होगा।
2.
जानी यूं बिना मतलब के किसी कि जिंदगी में आया नहीं करते
जब बिछ गए हो राहों में सपने तो अरमानों को जगाया नहीं करते
यूं मान कर खूदा खुद को किसी के जमीर पर उंगली उठाया नहीं करते
अपना समझकर ही कोई तकलीफ बयां करता है उसे कमजोर समझकर मजाक बनाया नहीं करते।
3.
मुझसे एक वादा करो
कि मुझसे तुम कोई वादा ना करो
आदत है मुझे अकेले रहने की
मेरी खिड़की से तुम झांका ना करो
हमें अपने हालात से लड़ना आता है
सहारा देकर यूं हमें अपना आदि ना करो
हर वक़्त मैं ही क्यों समझोता करूं
कभी कोई फैसला हमारे हक़ में भी लिया करो।
4.
मैं जिंदा हूं यह खबर वह खबरों में पता करते हैं
मैं जरूरी हूं उसकी हर जरूरत पर यह बात हर वक़्त गिनवाया करते हैं
उसे मुझपर भरोसा ना करने की कोई वजह नजर नहीं आ रही फिर भी।
अब कहीं पहचान में ना आएं तो अपना लिबाज़ बदल कर आया करते हैं।
5.
उसके लहजे से बेइंतहा शराफ़त झलकती है
किसी ने तोड़ दिया विश्वास उसकी गली आज भी महकती है
कोई आएगा लौट कर यह पलटकर देखने की अदा कहती है
बहुत तुफान भरा है उसके अंदर यह चीख-चीख कर उसकी खामोशी कहती है।













