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Saturday, December 24, 2022
?.........।
तेरी होने से पहले मैं - तेरी, होना चाहती हूं।
मेरे सपनों में आकर तुम क्या देखोगे।
मैं सपनों में सपनों का जनाजा देखती हूं।
तू मुझे पाकर बहुत खुश होगा।
मैं मायूश चेहरे को खिलखिलाना जानती हूं।
उन्हें आदत नहीं है हमें यूं मायूस देखने की।
हमें भी आदत नहीं है वक्त की चादर में खुद को लपेटने की।
वो अपना सबकुछ लूटा बैठेगें हमें खुश देखने की खातिर।
हमनें भी मुखौटा बनवा लिया उनकी जागीर बचाने की खातिर।
3
कायनात की खुशियां एक तरफ।
तेरे दिल में बसेरा एक तरफ।
हीरे मोती एक तरफ,
तेरा मेरा होना एक तरफ।
4.
मैंने तेरे सज़दे में इतनी दुआएं पढ़ी
कीमेरी अपनी बद्दुआ भी अब बेअसर पड़ी है।
क्या तुम हो ?.......
कोई भी रिश्ता खामोशी पर खत्म हुआ है क्या।
इंतजार सिर्फ एक तरफ से हो ज़रुरी है क्या।
तुम हो बस यह अहसास ही काफी था।
अगर डगमगाऐं कदम तू संभाल लेगा, ऐसा विश्वास था।
कभी कोई मुश्किल आई नहीं, की मुझे तू याद आता था।
दूर होने पर भी तू दूर कहां था ।
तू कभी ना छूटने वाली आदत बन गया।
तुम जा चुके हो मेरी राहों से रोम- रोम गवाही देता ।
फिर भी दिल को तुम्हें खोने का डर हर पल सताता ।
मैं तेरा इंतज़ार हर पल करती हूं।
क्या पता कब पलट कर देखले तू,
मैं तो तेरे पीछे- पीछे चलती हूं।
मेरे बुलाने पर तुम कभी ना आना।
हम बुरे हैं , अब इस यकीन पर जिंदा रहना।