1.
सुन - तू बस अपने दिल नै समझा ले,
प्रपोज तो मैं आपए कर दूंगी।
और विश्वास ना तोड़िए मेरा,
ना मैं तेरे हाड़ा नै तोड़ दूंगी।
तू मान राखिए मेरा,
मैं तेरी बात ना काटूंगी।
विश्वास तो कर बावले,
कंदे भुखा ना सोण दूंगी।
3.
तू यार बना हजार चाहें,
मैं तनै कदे ना नाटूंगी।
पर जै वे तनै रुवागे,
तो मैं उनकी नस नै काटूंगी
4.
तू माड़ा ना मानै खुद नै,
कदे तेरी कमजोरी नहीं बनूंगी।
मेरी पसंद लाखा मैं एक सै,
जै सक है तो मेरे बाबू धोरै बुझवा दूंगी।
5.
जो मैं खुद तै पूरे ना कर सकि,
उस शौक कै आग लगा दूंगी।
कदे मेरे चरित्र पै सक ना करीऐ,
सीता कौन्या मैं-मैं तो तनैए जमीन मैं गाड़ दूंगी।
Bharti
वाह ... हरियाणवी में लिखी जबरदस्त पंक्तियाँ ...
ReplyDeleteमज़ा आ गया पढ़ कर ...
Thank you sir for visiting my blog and reading my post
DeleteAmazing lines 👌👏👏
ReplyDeleteSir🙏 welcome to my blog.
DeleteThank you sir for visiting my blog and reading my post. I am very glad to know that you liked the lines written by me.