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Monday, May 17, 2021

मुझे बस मेरी मां चाहिए

 

It's my world

मुझे भरोसा है आप पर।

आपको सब ठीक करना ही पड़ेगा।

मुझे वो ही तो इस दुनिया में लेकर आई है।

ये जन्म कम है उसका अहसान उतारने के लिए।

मुझे भरोसा है आप पर।

आदत नहीं है जिंदगी को उसके बिना जीने की।

आदत है मुझे आज भी उसके आंचल में सिर रखकर सोने की।

मुझे पता चल जाता है उसने कब मेरे सिरहाने से मेरी किताब समेट कर रख देती है।

मुझे पता चल जाता है उसनेे अभी खाना नहीं खाया है, फिर भी वो पहला निवाला मुझे ही खिलाती है।

बहुत परेशान करते हैं ना तेरी बनाई गई ममता की जीती जागती मुरत को।

फिर ये तो गलत है ना तकलीफ़ भी तो हमें ही देते क्यों तड़पा रहे हो उस को।

कभी किसी का बुरा नहीं चाहा है उसने।

जिन्हें तुमने अनाथ किया उनको भी जीना सिखाया है उसने।

मैं जी नहीं पाऊंगी उसके बिना।

मुझे भरोसा है आप पर आप सब ठीक कर देंगे।

मुझे जीने के मायने समझाएं है।

मैं कुछ भी करु मुझे मुझसे ज्यादा समझा है।

रोना तो कभी सिखाया ही नहीं।

आज उसे इतनी तकलीफ़ की आंसू थमें ही नहीं।

उसने डरना नहीं सिखाया लेकिन आज ये रात बहुत डरावनी लग रही है।

मोरों का कोलाहल भी कुछ अलग सा लग रहा है।

मेरी सुबह खिलखिलाती है उसके बस सिर पर हाथ फेरकर जगाने से।

मेरी सारी थकान मिट जाती है, उसके 'मेरा शेर' बच्चा कह देने से।

मैं जी नहीं पाऊंगी उसके बिना ये जिंदगी।

मुझे पता आप सब ठीक कर देंगे।

भरोसा है मुझे आपके ऊपर।





Thursday, May 13, 2021

जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभव हम और आप

 1


ओए सुन तू ना-उस सुरज के जैसा है।
जिसके बिना ये जिंदगी काले अंधेरे जैसी है।
हमारे दरम्यान ये दूरियां मीलों जैसी हैं।
फिर भी देख तेरे आने की आहट से ये जिंदगी सवेरे जैसी है।

2


चलते- चलते बहुत दूर तक आ गए अब तो रुक जाने को दिल करता है।

चारों ओर इतनी भीड़- हे ईश्वर इस भीड़ में खो जाने को दिल करता है।

ये किसकी तलाश में निकले थे हम अब तो खुद को भूल जाने को दिल करता है।

आंसुओं से कहां वास्ता रखते थे हम अब तो खुद को उनमें डुबो देने को दिल करता है।

3.

"इश्क और जंग में सब जायज़ है।"

"All is fair in love and war."

(John Lyly )

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Monday, May 10, 2021

जान है तो जहान है




जान है तो जहान है।

और जब जान ही ना रहे तो ये जहान का क्या फायदा।
कुछ ऐसा ही कहता हैै ये आजकल का कायदा।

और जब जहां ही नहीं रहेगा तो उस जान का क्या करोगे।
अकेले बैठकर मेरे साथी तुम रो भी ना सकोगे।

उम्मीद से देखे तुमको तो नजरें ना चुराया करो।
खुद से नजरे मिला सको कुछ ऐसा करिश्मा किया करो।

खाक से उठा खाक में मिला, क्या खाक बचा इस जीवन में।
सफेदपोश में लिपटी थी वो उसमें ही कोख को सुला दिया अब क्या बचा इस जीवन में।

कमर झुकी हुई है सांस चली है , धड़कन मिलों दूर से सुनी है।
जलता दीपक ऐसे झोंका, लपटों में उम्मीद जली है।

ऐसा ना कर, हाथ बांधकर क्यों बैठा है, उजड़ रही है बस्ती तेरी।
पल में काया पलट जाएगी मिट जाएगी हस्ती तेरी।

क्या अपना-पराया करता है, जिसे देख- देख तू हंसता है।
एक बार तू हाथ बढ़ा, सोई हुई उम्मीद जगा तू उम्मीद से भरा खिलौना है।

है आश मुझे विश्वास मुझे हम विष विरह का पी लेंगे ।
ये जंग है जीवन जीने की तेरे लौट आने की आशा में हम सारा जीवन जी लेंगे।

हे। ईश्वर - है जहान मेरा तो है जान मेरी।
ये जिंदगी कल भी तेरी थी, ये जिंदगी आज भी है तेरी।

             Bharti







Saturday, May 1, 2021

एक पल में सब खत्म होता नजर आ रहा है

 



फिर से वही दौर आ रहा है

आपने सुना नहीं वही शोर आ रहा है

सब वाकिफ हैं उस पहर से

हां कोरोना के कहर से

सुबह में कमाया शाम  को खा लिया

अब ना सुबह कमाने दिया तब तो बस जिंदगी को तुने जी लिया

अंत होगा इसका या हमारा कुछ नहीं कह सकते

बस सह रहे हैं जब तक सह सकते हैं

किसी पर भरोसा करें

या स्वयं को सुरक्षित रखें

जब उम्मीद की नजर से कोई देखता है

तो नजर बिना जुर्म किए झुकती है

अभी उसे पैदा हुए वक्त ही कितना हुआ था

और ये काका अब तक तो ठीक था

उसके घर में किसी को तो मदद के लिए जाना ही जाना चाहिए

उस मां ने अपने बच्चे और पति को खो दिया उसे भी तो सहारा चाहिए

एक बीमार को गुनहगार समझा जा रहा है

बिना किसी गवाह के कारागार में डाला जा रहा है

शाम को सुरज ढलेगा या जिंदगी जानते नहीं

सुबह में सुरज कि किरण होगी या नहीं जानते नहीं

एक पल में सब खत्म होता नजर आ रहा है

आंखों के सामने मौत का तांडव नजर आ रहा है

एक इंसान को सांसों के लिए लड़ते देखा है

अपनों को ही अपनों से दूर रहते देखा है

बिना किसी बहस के सन्नाटे में शोर होते देखा है

कई बार डर सा लगता है बहुत से सपने हैं बाकी इस सफर में

कहीं अकेले ना रह जाए इस जिंदगी के सफर में

अब तो एक विश्वास है उस रब पर

वो ही बनकर मेहर बरसेंगे हम पर