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Saturday, September 12, 2020

जिंदगी में बनें रहने का बहाना तो मिलेगा




आज तिनका-तिनका करके फसल कटी गई
सबको मिलेगा हिस्सा ऐसी मुनियादी की गई
सभी में अन्न फूसें की बटाई कुछ इस तरीके से की गई
हमारे हिस्से में सूरज की धूप और पसीने की बारिश की गई
वो तो खुश थे पर हमें खुश करने की कोशिश की गई
हमें सबकुछ मिल जाए ऐसी आरज़ू तो कभी हमनें भी नहीं की
क्या फायदा उस जिंदगी का जब सब कुछ मिल जाए
कुछ खो जाने का दर्द और कुछ पाने की अभिलाषा ही मर जाए
चोट को देखने के बहाने ही सही वो दर्द का अहसास तो मिलेगा
हमें पागल रहने दो किसी को पढ़ने का अवसर तो मिलेगा
सब कुछ ना सही कुछ तो मिलेगा उसी उम्मीद के साथ
फिर से बोएं वही फसल बीज से पेड़ बनने का नजारा तो मिलेगा
समुंद्र की गहराई ना सही किनारे पर बैठ कर नजारा तो मिलेगा
जींदगी में बनें रहने का बहाना तो मिलेगा




        
       Bharti