Pages

Saturday, January 18, 2020

तन्हा (मेरा एक रंग में लिपटना)

तन्हा


  
तेरा यूँ एक टक निहारना ,
मेंरा तेरी राह को तकना ।
बड़ा मिट्ठा सा लगता है , दिल का पराया सा होना ।।
तेरा मेरी गलियों से ग़ुजरना ,
उस पर मेरा कलियों सा खिलना।
बड़ा तडपाता है , तेरा तन्हा छोड़ जाना ।।
तेरा इंतजार करवाना ,
मेरा छपाक से आना ।
बड़ा याद आता है , तेेेेरा वो कभी - कभी रूठ जाना ।।
तेरी वो अनकही सी बातें ,
मेरी नासमझी से इशारे।
बड़ा रूलाता है , वो तेरा प्यार से समझाना ।।
तेरा वो साथ निभाने का वादा करना ,
मेरा वो वादे पर वादा करना ।
बड़ा घबराता है मन तेेेरा पल मेें पराया कर जाना ।।
तेरा वो जवानी भरा जज्बातो का मस्त मंजर आना ,
मेरा तेरे सपनों को देख मौन रह जाना ।
बड़ा सताता है , तेरा औझल हो जाना ।।
वो तेरा तिरंगे में लिपटे आना ,
मेरा एक रंग में लिपटना ।
मौन सा रहकर सब कह जाना ।।
तेरा अंश मुझमें रह जाना ,
मेरा हमारी दूनिया को संभालना ।
बड़ा घबराता है  दिल तन्हा सा रह जाता है।।
                      
                              Bharti

2 comments:

Please do not enter any spam link in the comment box